गीत अभद्र,प्रीत अभद्र
युवा उम्र की रीत अभद्र
निश्छल कोमल मनोभाव का
सबके मन में शून्य कद्र
ऐसी खुशियां किस काम की
जहां क्लब ही मालामाल है
क्या यही नया साल है
अभद्र संगीत पर अभद्र नृत्य
शोर शराबे में ही अभद्र कृत्य
हाथों में है मदिरा ही मदिरा
युवा मन की आनंद मिथ्य
संस्कृतियों को कुचल कुचलकर
कहते हैं कमाल है
क्या यही नया साल है।
नशे नशे में नाच रहें हैं
अस्मिता की करके चिथड़े
धुंओं का रंगीन पर्दा
थिरकते पांव ताल बिगड़े
पैसे वाले कहते हैं
ये जश्न बेमिसाल है
क्या यही नया साल है?
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







