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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

चाहतें भरीं हों

चाहतें भरीं हों खिलने की, कलियों में गिन गिनकर,
नवाजा है कुदरत ने तुम्हें,वो खासियत चुन चुनकर।

लगता है, ये काली घटाएं थोड़ी बिखर सी गई हों
किरणें तुम्हारी केशुओं से, आती जब छन छनकर।

तुम्हें देख जिसने आह न भरी हो,बदनसीब होगा,
निकले जाती हो गलियों में, तुम इतना बन ठनकर।

मूंदकर आंखें जब मुस्कराती हो तुम,मद्धिम मद्धिम
लगती हो प्रेम मिट्टी से, निकली हो जैसे सन सनकर।

तुम्हें देखकर लोगों के हाव भाव ऐसे बदल जातें हैं,
राजसी स्वयंवर में शूरवीर जैसे,खड़े हों तन तनकर।।


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

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सरिता पाठक said

अति सुन्दर, अति सुन्दर, अति सुन्दर रचना, हर पंक्ति ह्रदय स्पर्श करती है प्रेम के रस से सराबोर, लाजवाब 👌❤️🙏आदरणीय भईया जी को सादर प्रणाम 🙏

वन्दना सूद said

वाह वाह लाजवाब रचना 👌👌👏👏
लगता है, ये काली घटाएं थोड़ी बिखर सी गई हों
किरणें तुम्हारी केशुओं से, आती जब छन छनकर।
बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ लिखी हैं

कृष्णा शर्मा said

Bahut hi khubsurt rachna 👏👏👏
Hr ek pankti me prem jhalak rha hai.. 👏👏
Bahut hi khubsurt rchna 👏👏
सादर प्रणाम 🙏☺️

ललित दाधीच said

बहुत सुंदर रचना, लाजवाब, बेमिसाल, अजब गजब ❤️❤️❤️❤️ शानदार, जानदार, दमदार

सुप्रिया साहू said

वाह वाह वाह....प्रेम का अद्भुत संयोजन, नटखटपन, दीवानापन, प्रेम रस से किसी का बड़ी खूबसूरती से श्रृंगार किया है आपने, उस श्रृंगार का प्रेम से तैयार किया हुआ दिलकश रचना, बहुत खूबसूरत रचना मनोज सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

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