जब प्रश्नों पर धूल जमे,
स्वर फिर उठना चाहिए।
सत्य की खातिर जन-मन को,
संग जुड़ना चाहिए।
नीट के सपनों ने मिलकर,
अपनी बात सुनाई।
संयम, साहस, धैर्य लेकर,
नई दिशा अपनाई।
युवा शक्ति जब साथ चले,
बदलें समय की चाल।
एकता की दृढ़ मशाल से,
मिटे भ्रमों का जाल।
कुर्सी केवल मान नहीं,
उत्तरदायित्व महान।
जन-विश्वास की रक्षा करना,
हो शासन की शान।
त्याग अगर हो लोकहित में,
बढ़ता उसका मान।
पद से बढ़कर सत्य रहे,
यही देश की आन।
मतभेदों की भीड़ में भी,
मनभेद न आने पाएँ।
संवादों के खुले द्वार से,
समाधान हम पाएँ।
युवा शक्ति की एक पुकार,
राष्ट्र बने आधार।
सच, न्याय और पारदर्शिता,
हो हर बार स्वीकार।
हाथ मिले जब हाथों से,
बढ़ती जन की शक्ति।
एकता ही जीत लिखे,
यही रहे अभिव्यक्ति।
सपनों का सम्मान रहे,
परिश्रम का अधिकार।
एकजुट होकर ही मिलता,
उज्ज्वल हर भविष्य-द्वार।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







