आबे हवा ये बता ये मशहूर किस्सा क्या है,
हुस्न किसे नहीं दिख रहा ये तारीफ का बहाना क्या है।
महफ़िल गुज़री रहे दिखाने में,
कुछ हैं जो छिप गए हिजरत के अजाने में।
हम ही हम क्या गुलदस्ते दे,
बाहों में वो भी थे आसंदी के अफ़साने में।
बुराई लूटेगी तो बना लेगी अपना,
मुश्किल नहीं है बेनगाजी के ठिकाने में।
निकहत के और भी मुहाने रहते हैं रंजिश में,
बेचारगी फ़ासिला रहीं आज़ाद वीराने में।
मैं मुरव्वत उलझाने में नहीं रहा 'ललित',
इजाफ़ा नहीं हुआ बहाना बेड़ियां हटाने में।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







