विषय - आंखों ने कहा
मैंने आंखों से कहा की रोना मत,
आंखों ने कहा फिर....
क्या दिल बन जाऊं?
दिल ने कहा की भावनाओं तले दब जाओगे,
भावनाएं मुस्कराकर बोली..
की भावनाओं में दबकर ,
यादों को सजाओगे ,
यादों ने कहा कि अब कहां जाओगे,
मैं चुप रहा कुछ सेकंड,
फिर बोला आंखों के काजल में,
बहाता रहूंगा,
आंखों से कहा की रोना मत,
मैंने भी कहा काजल लगाना मत।
मैं काजल से निकलकर ,
नज़र बन जाऊंगा,
हर किसी को देखकर,
नज़रें झुकाऊंगा,
गर उठी जो नज़रें तो,
आंखों का सबब बनाकर लौटूंगा।
मैंने आंखों से कहा की रोना मत,
Writer -NEETU Nagar Amber


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
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