Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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कविता की खुँटी

                    

आँखें तेरी - रीना कुमारी प्रजापत

शीर्षक - आँखें तेरी

आँखें तेरी कुछ कहती है,
तू प्यार सभी से करती है।
सीखे कोई प्यार करना तुझसे,
तेरी आंखें यही कहती है।
इन आंखों ने तेरी हमारा दिल बदल डाला,
इन आंखों ने तेरी हमें हॅंसना सीखा डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,............।
आंखों में तेरी एक ख़्वाब सजाया दिखता है,
आंखों में तेरी बेशुमार प्यार समाया दिखता हैं।
इन आंखों ने तेरी हमें क्या से क्या बना डाला,
पत्थर दिल था मेरा मुझे मोम दिल बना डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,..............।
बहुत ज़िद्दी हैं ये तेरी आंखें,
हर पल प्यार की तलाश में रहती हैं।
देख तेरी इन आंखों ने मुझे भी प्यार करना सीखा डाला,
देख तेरी इन आंखों ने मुझमें भी प्यार भर डाला।

आँखें तेरी कुछ कहती है,..........।
आँखें तेरी आंखें नहीं प्यार का गहरा समंदर है,
आँखें तेरी आंखें नहीं ज़िंदगी का सुनहरा मंज़र है।
जिसमें डूब गए हम और ज़िंदगी ये अनमोल जी गए हम।
तू मिली हमें ये हमारा नसीब है,
वरना इस दुनिया की भीड़ में कौन हमारे करीब है।

आँखें तेरी कुछ कहती है,
तू प्यार सभी से करती है।

(रीना कुमारी प्रजापत)


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (2)

+

डॉ कृतिका सिंह said

Bahut manmohak

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Thanks ji

वेदव्यास मिश्र said

वाह रीना जी वाह वाह...सचमुच आँखें ही स्कैनर हैं...सीधे दिल से इसका लिंक है और हम बेचारे आम उपभोक्ता 😍😍 शानदार कविता पढ़ने को मिली आज आपकी ..मजा आ गया !! मैं आपकी बुक मँगाने ही वाला था तो पचौरी जी का कहना था ...वो भेजेंगे मेरे लिए स्पेशल खास गिफ्ट के रूप में आपकी बुक !! नमस्कार सुप्रभात 💝💝

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji or jis din ashok bhaiyya apko meri pustak gift ke tour par pahuncha de or aap padh le mujhe batana zarur🙏🙏

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