हम आस लगाएं बरसों बरस से
श्याम मेरे मन में बसो।।
गोकुल गिरधारी लाल यशोदा
नन्द भवन विचारै।।
विश्व व्यापक विभु संवर्धन तुमसे
श्याम मेरे मन में बसो।।
मीरा कैं मन प्रेम आलंबन पथ पर
श्याम मेरे मन में बसो।।
मुरली मनोहर मेरे मन के नव प्रसून
श्याम मेरे मन में बसो।।
राधा विरह मीरा पायो जग देखै
श्याम मेरे मन में बसो।।
रूप वात्सल्य प्रेम नन्द भवन में
श्याम मेरे मन में बसो।।
गोवर्धन गिरधारी लाल यशोदा नन्द
श्याम मेरे मन में बसो।।
सुन्दर श्याम घनश्याम मुरलीधर
श्याम मेरे मन में बसो।।
गीता ज्ञान उत्तम देने वाले गोविन्द
श्याम मेरे मन में बसो।।
सत्य स्वरूप अलख निरंजन तुम हो
श्याम मेरे मन में बसो।।
_देवनन्दन कुमार बरहथिया।
किशनपुर, सुपौल, बिहार।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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