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Name (English):
DEONANDAN KUMAR, "BARHATHIYA"
Name (Hindi):
देवनन्दन कुमार, "बरहथिया"
Occupation:
विद्यालय अध्यापक, हिन्दी (10+2), विद्यालय का नाम: उत्क्रमित कामेश्वर उच्च माध्यमिक विद्यालय परमानपुर, घैलाढ़, मधेपुरा (बिहार). हिन्दी साहित्य के पद्य विधा में लेखन कार्य जारी।
Education:
M A IN HINDI LENGUAGE & B ED.
Address:
AT BARHATTHA, PO SHRIPUR, PS KISHANPUR, DISTRICT SUPAUL, STATE BIHAR, PIN CODE 852138.
City:
SUPAUL
Pincode:
852138
State:
Bihar
Country:
India
About:
कवि का नाम: देवनन्दन कुमार, "बरहथिया"
पत्नी का नाम: रंजन राजहंस
माता का नाम: संझा देवी
पिता का नाम: कारी प्रसाद यादव
जन्म: 15 अक्टूबर, 1985 ईस्वी में।
जन्म स्थान: ग्राम बरहत्था, डाकघर श्रीपुर थाना किशनपुर जिला सुपौल राज्य बिहार पिन कोड 852138.
शिक्षा: -----
मैट्रिक:___________________________
2000 ईस्वी में, राम कृष्ण भुवनेश्वरी आदर्श उच्च विद्यालय, त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार से।
इंटरमीडिएट:_______________________
Biology से, सत्र 2000 से 2002 में, भारत सेवक समाज महाविद्यालय, सुपौल, बिहार से।
स्नातक:_________________________
हिन्दी से, सत्र 2002 से 2005 में, भारत सेवक समाज महाविद्यालय सुपौल, बिहार से।
शिक्षा में स्नातक (B.Ed.):______________
हिन्दी से, 2014 से 2015 में, बोनी फाई महाविद्यालय, भोपाल, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल, मध्य प्रदेश से।
स्नातकोत्तर: ______________________
हिन्दी से, सत्र 2017 से 2019 में, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार से।
प्रमुख रचनाएँ:__________________________
"हर लहरों से टकराता हूँ", "जीवन बेहद जरूरी है जमीं पर", आया हूं इस अनजाने शहर में, तेरी ये वफादारी, मेरे दिल के ज़ख़्म खुशियों से भरने लगे हैं, सुन्दर मन की सुन्दर व्यथा, मेरे उत्सुक नयनों के सागर में, गुजरता रहा मैं, या मेरे ज़ख्म से दीदार कर, मुझे समीप आने दो बताऊंगा, मेरी फूल रही, आने दो उसे, लड़खड़ा रही ये जिन्दगी हर शहर की, मेरी निगाह में तुम कयामत हो, ये मेरी कविता है अलबेली, मैं तुझे फिर निहारूंगा, तूं ही मेरी जिंदगी है, घर घर की एक कहानी, वही यादें मुझे सता रही है, मोती जैसे अनमोल वचन, तेरे लिए मैं, इस जिन्दगी के भीड़ में, तेरी वो यादें, विपदा भरे मौसम की मार, मुझे मेरी जिन्दगी में, मैं उस राह का मुसाफिर हूँ, जो मेरा है नहीं, सिविल कोर्ट परिसर में, तुझे देखता हूं तो मुझे भी तरस आता है, अपने ही धुन में जीवन जिओ तुम, मन पावन बन जाएगा,
तुम तो मेरे प्रियतम हो, बढे चलो तुम अपने धुन में, जी रहा समाज, मेरे जीवन की मूलांकुर बन, आज के बदलते परिवेश में, आज के समय में, लगान शेष नहीं, जीवन का उद्देश्य।
हे श्वेत शारदा! वर दे, धरोहर है मां, जिसके वक्ष स्थल में, मुझसे तेरा अस्तित्व आधार भी, मलिन मन को त्रान देकर, उत्सुक मन को खुशी मिली है, बदरिया उमड़ घुमड़ बरसो, दिल धड़कन में तुम हो, देख मैं पत्थर दिल नहीं हूँ, आ जा मेरे आंगन में आ जा, आत्मा का घर, परमात्मा के वश में, द्रौपदी की लाज, मन की पुकार, यह देश है जनमानस का, इत्यादि अनेक रचनाएँ हैं आपके।
In the English Literature's main Tittle:_______________________________
1. I am Singing Always.
2. On Time Every Time.
3. My beautiful dream.
4. A Singing Life.
5. Nature is your signature.
6. All things presents here.
Other poems are composing going on.
Hobbies & Interests:
POETRY, SINGING, TEACHING & FARMING, GOVERNMENT SERVICE.
Other Details:
FATHER'S NAME: - KARI PRASAD YADAV(कारी प्रसाद यादव), MOTHER'S NAME: - SANJHA DEVI(संझा देवी). पत्नी का नाम - रंजन राजहंस AUTHER'S NAME: -- DEONANDAN KUMAR, DATE OF BIRTH
15/10/1985. WIFE'S NAME: - RANJAN RAJHANS(रंजन राजहंस).
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