(बाल कविता)
चश्मा
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आँखों पर लग जाता चश्मा ।
सब कुछ साफ़ दिखाता चश्मा ।।
छोटे-छोटे अक्षर को भी
बड़ा-बड़ा दिखलाता चश्मा ।
जिसकी आँखों पर लगता है
उसकी शान बढ़ाता चश्मा।
कड़ी धूप में राहत देकर
परममित्र बन जाता चश्मा।
नीले काले हरे गुलाबी
कई रंग में आता चश्मा ।
जैसी पड़े जरूरत जिसको
वैसा रूप बनाता चश्मा ।
आँखों की भी करे सुरक्षा
शोभा बहुत बढ़ता चश्मा।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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