भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
एही चरणन में कलयुग के नर
सद्गति झुककर पाई।
भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
एही चरणन नित
जे नर ना पूजि
करत रहयो है लड़ाई,
ताही लड़ाई काल बनत हैं
फंदा नर को चढ़ाई!
भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
स्वर्गाधिक खुशी
एही चरणन में
पावें कर के बड़ाई,
जे न बड़ाई कर पावत हैं
ते नीली ड्राम सजाई!
भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
सत्य कलयुग के
एही चरणन में
जानों सिर को झुकाई,
नाही झुकत नर जब चरणन में
घाटी तल में फेंकाई!
भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
गावत गुण नित
पूजि चरणन के
मन रहे धुनि रमाई,
अंत समय वो परम पद पावें
सहचरी गोद समाई!
भजमन, पत्नी चरण सुखदाई।
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प्रमोद कुमार,
गढ़वा (झारखण्ड)


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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