जी ले इस पल मे जिदंगी
ये लौट कर नही आयेगा
बनकर हमसफर वो तुझे
अपने साथ ही ले जायेगी
इससे पहले जी ले जरा
यही तेरे काम आयेगा
लौट कर फिर कभी ये
अंजुमन लौटकर ना आयेगा
खुशी एक पल की मेहमान
दर्द तो ही साथ मे पायेगा
जी ले एक पल की जिदंगी
वही तेरे साथ मे आयेगा
भटक ना अपनी राह मे
साथ कोई तेरे ना आयेगा
एक दिन छोड संसार तु
अकेला ही चला जायेगा
घमंड तुझे किस बात पर
शरीर मिट्टी मे मिल जायेगा
सोचने का वक्त ना तुझे
ना वक्त पास ठहेर जायेगा
करना है जो आज ही करले
वक्त फिर लौट ना आयेगा
बनकर हमसफर वो तुझे
अपने साथ ही ले जायेगी
जे .व्ही.जयश्री .


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







