इतना भी मसरूफ न रहा कर जिंदगी में ऐ कमल,
कि सामने खड़ा हो खुद जो पूरी कर रही हो मुरादे,
और तू कहे की रास्ता छोड़िए हमारा इन बेफिजूल की बातों के लिए अभी वक्त नहीं..!
– कमलकांत घिरी ✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
इतना भी मसरूफ न रहा कर जिंदगी में ऐ कमल,
कि सामने खड़ा हो खुद जो पूरी कर रही हो मुरादे,
और तू कहे की रास्ता छोड़िए हमारा इन बेफिजूल की बातों के लिए अभी वक्त नहीं..!
– कमलकांत घिरी ✍️
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