यादें
अब केवल स्मृतियाँ नहीं रहीं,
वे
मेरे जीवन की
परीक्षा-कॉपी के हाशिये पर
लिखी गई सीख हैं।
कुछ यादें
संघर्ष की धूप में तपकर आईं
जहाँ
असफलताओं ने
अहंकार तोड़ा,
और
धैर्य ने
मुझे गढ़ा।
कुछ यादें
सेवा के क्षणों से जुड़ी हैं
अनकही पीड़ा,
किसी की काँपती आवाज़,
और
आँखों में उगता
आभार का सुकून,
जो
किसी भी सम्मान से बड़ा था।
समय के साथ
मैंने सीखा
कि हर उत्तर
पुस्तकों में नहीं होता,
कुछ उत्तर
खामोश अनुभव
सीधे आत्मा में लिख देते हैं।
यादें बताती हैं
कि जीत
हमेशा तालियों में नहीं,
कभी-कभी
ईमानदार प्रयास में
छुपी होती है।
आज जब पीछे देखता हूँ,
तो
गलतियाँ भी
अपराध नहीं लगतीं,
वे
मेरे सबसे सच्चे शिक्षक थीं।
मैं आगे बढ़ रहा हूँ,
कंधों पर
डिग्रियों का भार नहीं,
बल्कि
अनुभवों का संतुलन लिए।
यादें
अब मुझे रोकती नहीं,
वे
मेरी दिशा बन गई हैं—
जहाँ
संवेदना
और
जिम्मेदारी
साथ-साथ चलते हैं।
क्योंकि
जीवन
सिर्फ़ जीया नहीं जाता,
उसे
समझा भी जाता है—
हर याद के साथ,
हर अनुभव के बाद।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







