उपवास कीजिए,
पर केवल पेट का नहीं,
मन में पलते द्वेष का भी।
थोड़ा व्रत रखिए
अपनी गंदी नीयत पर,
दूसरों की खुशियों से जलती
अपनी आदत पर।
माथे पर तिलक लगाकर
किसी का दिल मत दुखाइए,
माँ दुर्गा की पूजा से पहले
अपने भीतर की राक्षसी वृत्ति मिटाइए।
नौ दिन फलाहार कर लेना आसान है,
नौ जन्मों का अहंकार छोड़ना कठिन है।
देवी प्रसन्न होंगी या नहीं, पता नहीं—
पर जिस दिन आपकी वजह से
किसी की आँख में आँसू नहीं आएँगे,
समझिए, उस दिन आपकी पूजा
पहली बार सफल हुई


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







