जिनके गले सूखे है इंतजार में यहाँ कब से।
आलसी होंगे बहुत प्यास लिये फिरते मन से।।
वक्त सब का हैं उसका उपयोग करना चाहिए।
बात कोई नई नही स्वार्थी धागा उलझा तन से।।
अशिक्षित बेखौफ होकर शिक्षित पर सवार हों।
जी हजूरी में मशगूल होकर शिक्षित है अमन से।।
कोई तो इस हुजूम में रहकर सही कहे 'उपदेश'।
हिम्मत दिखाने वाले जरूर निकलेंगे चमन से।।
अँधेरे में तीर कभी-कभी असरदार हो सकता।
हर पैंतरा अपनाने वाले होते डरपोक शमन से।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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