सुबह का नजारा
बेहद सुंदर सौम्य शांत
सौंदर्य से भरपूर
उत्साहवर्धक होता है
मन को सुकून और
खूबसूरत एहसास से
भर देता है
चारों दिशाएं हलचल है
खिला हर जगह सुमन है
हर्षित मन का मधुबन है
मन की खुशी ही सब धन है
मधुर गीत गाकर
सुना रहा है भंवरा
खिला-खिला है
उपवन सारा
दिवाकर की पहली किरण
जब धरती को छूती है
मन के आंगन में एक
अद्भुत अनुभूति जगती है
लालिमा बिखेरते
सूर्य भगवान के दर्शन से
मिलती है खुशी अपार
मिट जाता है धरा का
सब अंधकार
खूबसूरत प्रभात
हमारे लिए सबसे
बड़ा उपहार है
बहुत मनमोहक है
सुबह का नजारा
प्रकृति लुटा रही है
प्यार ढेर सारा
चिड़ियों की चहचहाहट से
होती है मन में ख़ुशी की आहट
मन की रंगत बदल जाती है
जब छूती है रूह को ठंड
हवाओं की सनसनाहट
ख़ुशी से भर जाता है
मन का गागर
सुबह-सुबह प्रकृति का
अनमोल प्यार पाकर
सुबह का प्रकाश
भर देता है मन में विश्वास
हर सुबह लेकर आती है
मन में एक नई उम्मीद और आस।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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