प्यार करते क्यूं हैं
वो, ख्वाब आंखों में नए, दिखाते क्यूं हैं
जो प्यार करते हैं ज्यादा, रूलाते क्यूं हैं
जो कहते थे यह आंसू, गिरने नहीं देंगे
सब से, ज्यादा वही फिर, रूलाते क्यूं हैं
चल देते हैं छोङ कर जो राहों में अकेले
प्यार में तङपाकर वो, चले जाते क्यूं हैं
जिसने प्यार को छोङा है तपती राहों में
साथ जीने मरने की कसमें खाते क्यूं हैं
प्यार को लेकर जो उठाते हैं सवाल कई
उन्हीं, सवालों से अक्सर, रूलाते क्यूं हैं
ये, तो धोखा है सरासर, प्यार से यादव
निभा नहीं सकते तो प्यार करते क्यूं है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







