प्रकृति का शाश्वत संदेश
डॉ. एच सी विपिन कुमार जैन" विख्यात"
रात ढले तो दिन आता है,
सूरज नया संदेश लाता है।
समुद्र में उठती जो लहरें,
कभी न एक जगह पर ठहरें।
प्रकृति भी यही समझाती,
परिस्थिति पल-पल बदल जाती।
सर्द हवा जब गर्माहट पाए,
मौसम का मिज़ाज बदल जाए।
इंसान क्यों फिर रोता रहता?
दुख के कड़वे घूँट है पीता?
बन जा तू मजबूत चट्टान,
हर मुश्किल का कर ले निदान।
समय का पहिया घूम रहा है,
हर दिन नया रंग चूम रहा है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







