अगर खुदा नहीं होता तो ये ज़मीं वो आसमां भी नहीं होता
ख़ुद से न कोई प्राकृतिक चीज़ बनी है न ही बनेगा कभी
खाना बनाने से बनती है, जमीं वो आसमां बनाया गया है
पेट में दाना जाए हाथ का प्रयोग ज़रूरी अपना या दूसरे का
सच न होता तो झूठ वजूद में न आता इब्लिश मिशाल और क़ायम है
मुहम्मद SAW न आते तो ज़िंदगी गुजरती मगर सलीके का नहीं होता
रौशनी आई, इतंजाम आया, मुहम्मद न आते तो अंधेरा रहता दुनियां
इल्म न दाढ़ी न टोपी न बुर्का में ये पढ़ने और सीखने से आता है
तालीम, हुनर दिखाने केलिए नहीं सीख कर सिखाने केलिए होता है
तुम जैसा करोगे तुम्हारा औलाद वैसा करेगा याद रखना सदा
मौलाना,मुफ्ती,पंडित और पादरी की अमल उसके साथ मेरा मेरे साथ
आदम बे इल्म थे मुहम्मद को इल्म वो अक्ल देकर भेजा गया जहान में
वसी अहमद क़ादरी! वसी अहमद अंसारी !
दरवेश ! कवि! लेखक ! मुफक्कीर ए कायनात!
तर्जुमान मखलूकात!


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







