"मेरी सबसे अच्छी दोस्त पुस्तक"
पुस्तक मेरी सबसे अच्छी दोस्त है,
ना रूठती है, ना छोड़ती है।
जब सब सो जाते हैं,
ये मेरे साथ जागती है।
इसके पन्नों में समंदर है,
इसकी स्याही में सूरज है।
एक कोना खोलो तो पहाड़ मिलेंगे,
दूसरा पलटो तो इश्क मिलेंगे।
पुस्तक में गरीब भी राजा बन जाता है,
और राजा भी आम आदमी।
ये नफरत नहीं सिखाती,
बस इंसान को इंसान बनाती है।
मोबाइल की स्क्रीन 5 मिनट में बोर कर दे,
पर पुस्तक के 500 पन्ने भी कम पड़ जाएं।
क्योंकि हर लाइन के बाद
एक नया सवाल खड़ा हो जाता है।
घर में पैसा ना हो तो चलेगा,
पर एक अलमारी पुस्तकों की जरूर होनी चाहिए।
क्योंकि पुस्तकें भूख नहीं मिटातीं,
पर सोच की भूख मिटा देती हैं।
पुस्तक वो खिड़की है,
जिससे बिना सफर किए दुनिया दिखती है।
पुस्तक वो गुरु है,
जो डांटे बिना इंसान गढ़ती है।
रचनाकार- पल्लवी श्रीवास्तव
ममरखा, अरेराज, पूर्वी चम्पारण (बिहार )


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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