Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

उसके जाने के बाद

उसके जाने के बाद मैंने गुलाब कभी छुआ नहीं,
दूर से देखा पर पास गुलाब के कभी गई नहीं।

वजह वही था जो पहली बार गुलाब पनपा मेरे घर,
वरना उससे पहले मेरे घर कभी गुलाब खिला नहीं।

एक टक लगाए घोर से देखती हूॅं हर पल उसे,
पर पास पहले सा जाने को दिल अब करता नहीं।

गुलाब बड़ा पसंद था, उसकी पनाह में सुकून था,
पर गया मेरा प्यार जब से,अब कुछ पसंद रहा नहीं।

🌹रीना कुमारी प्रजापत 🌹


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (11)

+

पवन कुमार "क्षितिज" said

उल्फ़त भरे दिल की दर्द भरी दास्तां..👌👌👌👌

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏🙏

सुप्रिया साहू said

दर्द से भरे अल्फ़ाज़ दिल को छू गई, बहुत सुंदर रचना दीदू 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आभार आपका 🙏

सरिता पाठक said

प्यारी रीना तुम्हारे जीवन मे प्यार भी आएगा बहार भी आएगी एक गुलाब नहीं दामन me हजारों गुलाब होंगे ❤️❤️🌹🌹

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏🙏

कमलकांत घिरी said

Very very nice didu 👏 भावविभोर कर देने वाली रचना🙏🫶 प्रणाम🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया 🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

कुछ यादें दिल को बहुत तड़पाया करतीं हैं,पर जिंदगी में इस तड़पन को स्वीकार कर जीना पड़ता है। हृदयस्पर्शी कविता 👌🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji shi kaha aapne.. आभार आपका 🙏 प्रणाम

जयश्री विलास जोधंळे said

बहुत सुदंर रचना

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

शुक्रिया जय श्री जी

तुलसी पटेल said

एक एक पंक्तियों में आपकी वेदना महसूस हो रही है दीदी 🙂‍↕️🙏🏻

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

🙏🙏

श्रेयसी said

पसंद हो या नापसंद जीना तो पड़ता हीं है हर हाल में, मार्मिक रचना 🙏🙏

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Shi kaha aapne... Jo na jona tha hume aaj wo hona pada... Aaj khokar tujhe zinda rahna pada...

उपदेश कुमार शाक्यावार said

सम्वेदनशील संदेश... रीना जी को सादर प्रणाम

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

आभार आपका 🙏 सादर प्रणाम

वन्दना सूद said

लाइफ़ के हर पहलू ki

वन्दना सूद said

लाइफ के हर पहलू को जीना ही पड़ता है

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' replied

Ji shukriya

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