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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मोहब्बत की दुकान में मुशायरा

मोहब्बत की दुकान
भाग-1


लिखनतु पर मौजूद सभी लेखकों एवं पाठकों का 'मोहब्बत की दुकान' में एक बार फिर आप सभी का वर्ष 2026 में जोरदार स्वागत है। आइये मैं आपको अपने किरदारों से परिचय करा देता हूं। आप हरिया और दरिया भाई को तो बखूबी जानते ही हैं, हरिया भाई अपनी दरियादिली और दरिया भाई अपनी बेबाक शायरी के लिए मशहूर हैं, जो हमारी मोहब्बत की दुकान का सफल संचालन करने में माहिर हैं।
इनके अलावा हम अपनी मोहब्बत की दुकान में हर बार नए-नए चर्चित लेखकों, कवियों, प्रशासकों सामाज सेवकों और कभी-कभार किसी राजनीतिक नेताओं को भी अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित करते रहते हैं। जब हमारे पाठकों की जबान का स्वाद बिगङ जाता है तो किसी ऐसी हस्ती या कलाकार को भी आमंत्रित कर लेते हैं जिसका संबंध फिल्मों टीवी, पत्रकारिता या अन्य विधाओं से हो, ताकी पाठकों की रूचि बनी रहे। तो चलिए कार्यक्रम का शुभारंभ करते हैं।

हरिया- दरिया भाई नमस्कार।
दरिया- हरिया भाई आपको भी नमस्कार।
हरिया- दरिया भाई आपका अपनी मोहब्बत की दुकान को पुनः संचालित करने के लिए स्वागत है।
दरिया- हरिया भाई आपका भी हार्दिक स्वागत है। आपने आज किसी हस्ती को भी आमंत्रित किया है क्या?
हरिया- दरिया भाई इस एपिसोड में हमने किसी को आमंत्रित नहीं किया है, क्योंकि अभी इसका रिनोवेशन चल रहा है, हां लेकिन हमने अगले भाग के लिए लिखनतु पर आई एक नई लेखिका को आमंत्रित किया है।
दरिया- हरिया भाई आपने किसको आमंत्रित किया है, जरा उनका नाम तो बताईए?
हरिया- दरिया भाई उनका नाम है- कृष्णा शर्मा।
दरिया- हरिया भाई वो किस विधा पर लिखती हैं हमें भी बताओ?
हरिया- दरिया भाई ये तो हमें भी मालूम नहीं है, मगर कमाल का लिखती हैं।
दरिया- और क्या-क्या करती हैं, जल्दी बताओ मेरे पेट में अब बहुत गुदगुदी होने लगी है?
हरिया- वाह मियां नाम सुना नहीं और अभी से पेट पकङ कर बैठ गए। जब वो तशरीफ लाएं तो खुद ही जान लेना हम क्या बताएं।
अच्छा, आज आप हमारे पाठकों और श्रोताओं को क्या सुना रहे हो?
दरिया- हरिया भाई आप तो जानते हो कि बगैर सुनाए तो मेरा हाजमा ठीक नहीं होगा, क्योंकि इतने दिनों के बाद मोहब्बत की दुकान खुली है तो एक गजल तो बनती है ना?
हरिया- ठीक है सुनाओ?
दरिया- लीजिए गजल पेश है-

 दिल नहीं मिलता  

दिल चाहता है जिसको उसका दिल नहीं मिलता

मैं रहता हूं जिसके संग उससे दिल नहीं मिलता

ये दिल चाहता है इस जमाने से बगावत करना

मैं चाह कर भी अब कुछ ऐसा कर नहीं सकता

कैसी उलझन है मेरे आगे, और है कैसी बेबसी

प्यार जिससे किया संग उसके रह नहीं सकता

ना जाने ये मंजिल है कैसी, मुझ को नहीं मालूम

मैं तूफां में घिरा हूं और कोई साहिल नहीं मिलता

संग उसके घर बसाने की एक तमन्ना थी दिल में

घर बसाया जिस संग उससे मुकद्दर नहीं मिलता

एक नरक बन कर रह गई जिन्दगी मेरी यादव

अब चैन से जीने के लिए एक पल नहीं मिलता

हरिया- वाह-वाह क्या खूबसूरत और लाजवाब गजल पेश की है, आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद दरिया भाई।
दरिया- आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद हरिया भाई जो आपने इतने दिन बाद यह गजल सुनाने का मौका दिया।
हरिया- लगता है आज आपको नींद बहुत अच्छी आएगी।
दरिया- हां हरिया भाई मुझे नींद अच्छी आएगी मगर हमारे की लेखकों की नींद पहले से ही उङी हुई है।
हरिया- किसकी बात कर रहे हैं आप?
दरिया- अरे वो अपने मनोज सोनावानी समदिल हैं उनकी बात कर रहा हूं, वो तो हमारी मोहब्बत की दुकान के चक्कर कल से ही लगा रहे हैं। और एक वो सुभाष यादव जी है उनकी नींद तो कुमभकरणी हो गई है, वो कई दिन से नींद में लिखनतु से गायब हैं।
हरिया- दरिया भाई ये तो वाकई गजब की बात है।
चलो अच्छा है, बाकी अगले कार्यक्रम में मिलते हैं, आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं नमस्कार।
दरिया- आपको भी नमस्कार हरिया भाई।

..... क्रमशः जारी है...


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (3)

+

वन्दना सूद said

वाह वाह क्या बात 👏👏👌👌😊

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत आभार वन्दना जी, कि आप हमारी मोहब्बत की दुकान में तशरीफ लाई, आशा है अगले भाग में आप फिर से तशरीफ लाएंगी, आपको सादर नमस्कार।

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

मजेदार दुकान खोली है भैया जी आपने, क्या बात है 👌👌🙏 बड़ी प्यारी और लालित्य भरी प्रस्तुति 👌👌🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक स्वागत है समदिल भाई, आपको सादर नमस्कार।

रीना कुमारी प्रजापत said

Waah waah waah maza aa gaya mohabbat ki dukaan ke is mushayre mein to.... Lajawab

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक आभार एवं धन्यवाद आपको सादर नमस्कार।

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