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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मोह-माया

मोह-माया की जंजीरों ने, मानव को भरमाया है,
सत्य छोड़कर झूठ के पथ पर, जीवन को उलझाया है।

छल-कपट की काली छाया, कब किसका हित करती है?
क्षणिक लाभ के लोभ में पड़कर, आत्मा भीतर मरती है।

बेईमानी की रोटी खाकर, तृप्ति कभी न मिल पाती,
अंतरमन की पावन गंगा, मैली होकर रह जाती।

लोभ जहाँ मन में बस जाता, प्रेम वहीं खो जाता है,
स्वार्थों का अंधियारा आकर, मानव को भरमाता है।

मिथ्या वाणी, कपटी चेहरे, कब तक साथ निभाएँगे?
सत्य-ज्योति के आगे आखिर, झूठ कहाँ टिक पाएँगे?

ईर्ष्या-द्वेष की ज्वाला जलकर, अपने घर को खाती है,
दूसरों का अहित सोचने से, अपनी शांति जाती है।

धन से बढ़कर सत्य अमर है, यही सृष्टि का सार है,
निर्मल मन ही सबसे सुंदर, यही जीवन का हार है।

सदाचार की राह कठिन है, फिर भी मंगलकारी है,
यही मनुज के उज्ज्वल भविष्य की, सबसे बड़ी तैयारी है।

त्याग, दया, करुणा, सेवा से, जीवन धन्य बनाइए,
मोह, कपट, बेईमानी का, हर बंधन अब तोड़ जाइए।

सत्य, धर्म और प्रेम जहाँ हों, ईश्वर वहीं निवास करे,
ऐसे पावन कर्मों से ही, मानव अपना विकास करे।

जो निष्कपट जीवन जीता है, वही जग में सम्मानित है,
सत्य-सुगंध से महका जीवन, सदा-सदा अभिनंदित है।।




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (3)

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रीना कुमारी प्रजापत said

हर लफ़्ज़ बहुत ही खूबसूरत है... तारीफ़ के लिए शब्द ही नहीं मिल रहे हैं... सादर प्रणाम आपको 🙏🙏

आदर्श भूषण replied

🙏 हृदय से आभार, आदरणीय! आपका स्नेह और प्रोत्साहन अमूल्य है। 🌺

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

वाह क्या बात है 👌👌🙏 जीवन की सच्चाई और सार्थकता को सुंदर शब्दों से सजाया है आपने। हर पंक्ति में प्रेरणा दायक, जीवनोपयोगी कुंजियां निहित है 👌🙏🙏🙏 सदाचार की राह कठिन है, फिर भी मंगलकारी है। अतिसुंदर 👌👌🙏🙏 भावपक्ष वंदनीय, स्मरणीय है 👌👌🙏

आदर्श भूषण replied

🙏 हृदय से आभार, आदरणीय! आपका स्नेह और प्रोत्साहन अमूल्य है। 🌺

आदित्य शेखर 'अनुगूँज' said

वाह! आपने मोह, माया, छल, कपट, बेईमानी और सत्य के शाश्वत संघर्ष को अत्यंत सरल, प्रभावशाली एवं लयबद्ध शब्दों में प्रस्तुत किया है

आदर्श भूषण replied

🙏 हृदय से आभार, आदरणीय! आपका स्नेह और प्रोत्साहन अमूल्य है। 🌺

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