मैं जानता हूं कि तू है मगर न जाने कहां,
तू मेरे आस-पास है मगर न जाने कहां,
ढूंढ ही लेगी तुझे चलते चलते सांस मेरी,
जानता हूं तू मिलेगा मगर जाने कहां।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाई कोर्ट ग्वालियर
@सर्वाधिकर रचनाकार

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
मैं जानता हूं कि तू है मगर न जाने कहां,
तू मेरे आस-पास है मगर न जाने कहां,
ढूंढ ही लेगी तुझे चलते चलते सांस मेरी,
जानता हूं तू मिलेगा मगर जाने कहां।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाई कोर्ट ग्वालियर
@सर्वाधिकर रचनाकार
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