जिनसे मिलने को दिल हर वक्त करता है......
आज वो हमसे मिलने आये थे,
वो हमें देख रहे थे और हम
नज़र झुकाकर खड़े रहे।
अफ़सोस है बहुत कि
कितने प्यार से वो हमसे मिलने आये थे,
और हम बड़े कमबख़्त निकले
उन्हें नज़रें उठाकर भी ना देख सके।
जिनसे बातें करने को दिल हर वक्त करता है....
आज वो हमारे सामने खड़े थे और हम
उनसे एक लफ़्ज़ भी ना कह पाए।
अफ़सोस है बहुत कि
वो खासकर हमारे लिए ही आये थे,
और हम बड़े नाचीज़ निकले
उनसे नज़र मिलाकर एक लफ़्ज़ भी ना बोल सके।
जा रहे थे अब वो,
शुक्र है जाते वक्त तो ये नज़रें उठ गई और उनकी नज़रों से हमारी नज़रें मिल गई ।
-रीना कुमारी प्रजापत
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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