ना आपने मुझे देखा था,
ना मैंने आपको देखा था।
बिन देखे मेरी कविताओं से ही,
आपने मुझे छोटी बहन बनाया था।
याद है मुझे साहित्य के एक मंच पर,
आपने मुझे अपनी छोटी बहन कहा था।
शायद बीत गए उस बात को
तीन से चार बरस,
पर मैंने भी आपको उसी वक्त
अपनी दीदी माना था।
फिर कहीं गुम सी हो गई थी आप,
दिखती नहीं थी उस मंच पर।
आपको याद बहुत करती थी मैं,
मन में होती भी थी
अजीब सी उथल-पुथल।
फिर ख़बर मिली आपकी,
ख़ुद आप ही से।
खिल उठा चेहरा मेरा,
आपकी सलामती से।
बुलाया मैंने एक बार इस मंच पर आपको
एक बुलावे पर आप दौड़ी चली आई,
फिर हम दोनों बहनों के रिश्ते में
आई और भी गहराई।
आज है जन्मदिन आपका,
देती ये रीना आपको बहुत-बहुत बधाई।
💐💐🥰🎂🎂❤️🌹❤️🎂🎂🥰💐💐
🖋️ रीना कुमारी प्रजापत 🖋️
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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