मैं आप तक पहुंच न पाई सासू माँ "श्रेयसी" मांगती माफ़ी है
समझतीं हैं आप बेबसी मेरी मेरे लिए बस यही काफ़ी है
आपने किसको वैभव युक्त किया न किया मुझे वास्ता नहीं
अंत तक आपने अपने दिल में रखा मुझे मेरे लिए यही काफ़ी है
जब आपकी यादों में शामिल नहीं था कहीं कोई शय फिर भी
उस घड़ी मेरी छवि धूमिल न हुई आपके ज़ेहन से यही काफ़ी है
मेरा और आपका रिश्ता कोई समझे न समझे मगर
आपने मुझे बेटी कहा नहीं समझा भी आज तक यही काफ़ी है
नहीं मिटा वजूद आपका है अब भी इसी कायनात में
एहसास है मेरी रुह को जीने के लिए यही काफ़ी है
ये आंसूओं के बूंद हम बच्चों के भावभीनी श्रद्धांजलि है आपको
मौन स्वरों में मिल रहा हमें आशीर्वाद आपका यही काफ़ी है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







