सब मुश्किलों का हल खुद में वह पायेगा ।
खुद पर यकींन कर के जो खुद को आज़मायेगा ।
दुश्वार रास्तों पर अपने , क़दम जो बढ़ायेगा ।
मुमकिन नहीं है वो अपनी मंज़िल न पायेगा ।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
सब मुश्किलों का हल खुद में वह पायेगा ।
खुद पर यकींन कर के जो खुद को आज़मायेगा ।
दुश्वार रास्तों पर अपने , क़दम जो बढ़ायेगा ।
मुमकिन नहीं है वो अपनी मंज़िल न पायेगा ।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद
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