आजाद हिंद देश के आजाद हम हैं।
आजादी हमारे हाँ रूह-रूह में है।।
यह तन क्या यह धन क्या यह मन क्या नु है,
हमें अपने देश की वेदी के लिए अपने प्राण निछावर करना भी स्वर्ग है।
यही हम भारतीयों की विश्व में सर्वश्रेष्ठ पहचान है।।
आजाद हिंद देश.......।।
क्या चले गए क्या चलेंगे,
क्या चल रहे हैं।
यह सोचकर आजाद हिंद देश,
हमारे महान भारत को हम पर गर्व है।।
आजाद हिंद देश.......।।
यहाँ की प्रकृति भी सुरम्यम यहाँ हुए महान व्यक्तियों के,
महान जीवन के दर्पण भी सुरम्यम में हाँ है।
धरती पर है स्वर्ग जहाँ,
वह विश्व में महान आचरण विभूतियों वाला भारत देश है।। आजाद हिंद देश......।।
हमारे देश में गुरुओं का,
सर्वश्रेष्ठ सम्मान है।
हमारे महान गुरुओं ने भी हमारे भीतर,
देश की वेदी के लिए हमें आत्मसमर्पण का ज्ञान दिये हैं।।आजाद हिंद देश........।।
हम सभी ईश्वर का शुक्रिया अदा करते हैं।
कि उन्होंने हमको महान भारत देश में जन्म दिया इसके लिए हम सभी स्वयं को भाग्यवान समझते हैं।।
आजाद हिंद देश के आजाद हम हैं।
आजादी हमारे हाँ रूह-रूह में है
नाम : बाल कवि बाल - वैज्ञानिक ठाकुर अभय प्रताप सिंह।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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