जीवन का मतलब सिर्फ
आदमी का जीवन नहीं।
आदमी की भाषा का
अर्थ यह नहीं कि
जीवन का अर्थ भी
उसी की भाषा में हो।
जीवन का अर्थ जीवन में है,
जीवन बहुत सूक्ष्म है
इतना कि यह शरीर
असंख्य सूक्ष्म जीवन का
एक अनूठा जोड़ है।
हर रोज़ मरते असंख्य,
हर रोज़ पनपते असंख्य।
यह देह तुम्हारी, जीवन की
अविरल बहती नदी है।
है जीवन इतना असीमित
कि तुम्हारा ईश्वर है सीमित।
सामने जीवन की अनेकता के
जीवन, जीवन से बुना जीवन है।
जीवन किसी परमेश्वर से
नहीं उपजा; ईश्वरता का भी
है एक जीवन।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







