कुछ गलतियां करके सहना पड़ता है,
समझाने के बाद कभी रोना भी पड़ता है,
दिल कभी कभी समझ नहीं पाता है,
दिल को क्या क्या करना भी पड़ता है,
कमबख्त आंसु छलक गए आंखों से,
इस इश्क़ में दर्द सहना भी पड़ता है,
नीचे मंदिर हो या हो पर्वत में शिवालय,
माथा टेककर उसका मांगना भी पड़ता है,
क्या करें सुप्रिया इस जहां में उसके बिन,
उसे यादकर रोना और हंसना भी पड़ता है....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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