#Blog-Compare(तुलना)
एक बार की बात है मैं पार्क में यूंही घुम रहा था।कि अचानक मेरी नज़र एक व्यक्ति पर जा पहुंची जो अच्छे सुट-बुट में कार से उतर रहा था, मैं सोचनें लगा फिर की काश मेरे पास भी ये सब होता तो कितना अच्छा रहता,वो ये सब सोच ही रहा था की उसके सामने एक सिंगर गाना गा रहा है............
और ये देखकर वो विचारों में खो सा गया कि काश में भी इतना अच्छा गाता, कुछ देर बाद उसका मित्र वहां आ गया, और दोनों बैठकर बातें करने लगें तभी बातों ही बातों में मित्र के जीवन का स्तर पता चला की वो कितना कमा रहा खुश हैं मकान है सब बढ़िया चल रहा है तभी मैं विचारों में और डुब गया और मन ही मन तुलना करने लग गया।
✍उपरोक्त कहानी में दिखाया गया है की किस तरह हम आज हर इंसान से उसकी अच्छाई से तुलना करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की जगह दूसरों में उलझकर रह जातें हैं।
ठीक इसके विपरित बाकी लोग भी तुलना करते हैं जैसे -
तुम्हारा दोस्त नौकरी लग गया, तुम अभी तक खाली बैठे हो।वो दिपक का बेटा 90% अंक लाया है।
क्योंकि हमें मात्र तुलना ही नज़र आती है हम ये भूल जाते हैं की हर इन्सान की अलग अलग क्षमताएं हैं,वो किसी ना किसी क्षेत्र विशेष में अपना बेस्ट करेंगे हम क्यों तुलना का कीड़ा हमारे अंदर पनपने देते हैं उसकी जगह यदि प्यार भाईचारा सहयोग पनपने तो तुलना अपने आप आत्महत्या कर लेगी, परन्तु हमारी पसंद तो तुलना है वहीं करके मज़ा आता है।
🌱पर सच बताऊं तो ये तुलना आपको अंदर ही अंदर घृणा,जलन,बुराई का नवीनीकरणीय बीज को बो देती है जो आपको मानसिक रूप से खत्म करता जायेगा और आप फिर केवल दुसरे के अच्छे बुरे पे अपनी चील सी निगाहें गढ़कर देखते रहोगे,
🌺जो समय हमें खुद को समझने में लगाना है वो तो हम कर नहीं रहें और उम्मीद करते हैं की भगवान हमें भी बड़ा आदमी बना दो,हे पार्थ ये ख्याली पुलाव बनाना बंद करो, पहले जो आपको भगवान ने दिया है उसका तो प्रयोग कीजिए. "जिंदगी है प्रयोग कीजिये परिणाम बेहतरीन आयेंगे "
🌸यदि हम थोड़ा सा भी स्वयं को जानते होते तो कभी तुलना करते ही नहीं क्योंकि हमें पता है कि हमारा वजूद किसी व्यक्ति विशेष की तुलना का मोहताज नहीं है और हम अपने आपको और बेहतर बनाने पर काम करेंगे।
♻️आज वो समय चल रहा है जहां एक पड़ोसी दुसरे पड़ोसी की आई नयी कार देखकर जल जाता है,सहम जाता है अपने मन मस्तिष्क में घुटन पैदा कर लेता है..आप सोचिये की ये सब करने से क्या कार वापिस चली जायेगी नहीं ना!तो क्यों उस जगह ऊर्जा वेस्ट करनी ,उसकी जगह हम खुद को दो शब्द अच्छा बोलें की हम भी लेंगे जल्दी तो आपका पुरा माइंड सकारात्मक ऊर्जा से भर जायेगा।
🛜इसलिए स्वयं को किसी से क्या तौलना आप का वज़न आपके अंदर छिपी असीम शक्तियां हैं जो आपको उच्च स्तरीय सफलता तक ले जायेगी,हालांकि उतर चढ़ाव आयेंगे जायेंगे हमें बस सामना करना आना चाहिए ,हम यदि तुलना में अटक जायेंगे तो ना तो मुश्किलों से लड़ पाएंगे ना अपने अंतर्मन को समझ पायेंगे,
"इतना भी क्या तुलना करनी ,
अपनी औरों से,
एक नज़र खुद से भी रूबरू हो जा,
फिर जरूरत खत्म है तुलना की!
Writer -Neetu nagar/नीतू नागर अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश


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