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कविता की खुँटी

                    

आलसी और उद्यमी

Jul 23, 2024 | आलेख | वन्दना सूद  |  👁 746,453

रामायण वाक्य
रामचन्द्र जी ने सुग्रीव से पूछा-“लंका कितनी दूर है?”

सुग्रीव ने तत्काल उत्तर दिया -“आलसी के लिए तो वह दूर से दूर है और उद्यमी के लिए मात्र एक हाथ की दूरी पर ही है ।”

कार्य कोई भी हो उसके लिए समय की नहीं,ज़िम्मेदार और ईमानदार व्यवहार की आवश्यकता होती है कार्य अपने आप अपने लिए समय ढूँढ लेता है यदि नियत करने की हो ✍️✍️
वन्दना सूद




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (2)

+

अशोक कुमार पचौरी 'आर्द्र' said

Yeh sahi jagah se sahi sandarbh lekar mukhya samsya ka saar pradaan kiya aapne bahut sundar.. Pranam Mam🙏🙏

वन्दना सूद replied

🙏🙏😊

Kapil Kumar said

बिल्कुल जब व्यक्ति करने पर आता है तो वह कुछ भी कर सकता है और अगर वह पहले ही सोच ले की या मुझे नहीं होगा या उसकी आलस हो तो वह कभी नहीं हो सकता और दुनिया में ऐसा कोई कार्य नहीं है जो संभव ना हो

वन्दना सूद replied

बिल्कुल सही कहा आपने 🙏🙏😊

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