यों रेत की तरह उमर फिसलती जाती।
पर दिल की हसरत दिल में ही रह जाती।।
बातें जो भी हो जाती आनन्दित करती।
रस उनको आता मेरी धड़कन रह जाती।।
सभी की जिन्दगी में बातों की अहमियत।
अपनों से मन की खुशखबरी कह जाती।।
दवा के खुराक की तरह बातों का प्रभाव।
अच्छे हार्मोंस बनाता दुष्प्रभाव सह जाती।।
ख्वाब देखने का सिलसिला दोनों ओर से।
उनकी चर्चा से 'उपदेश' तबियत बह जाती।।
वक़्त रंगीन कटता रहे अगर जिन्दगी का।
ऐसे लोगों में अक्सर खुशहाली रह जाती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







