ना करना विश्वास कही पर भी आजकल
नमक-हलाली के यहां प्रकार बहोत हे
ऐहतियात बरतना इस संसार में
बैमानो की तलवार की यहां धार बहोत हे
हमसे पूछे बगैर दिल न लगाना कीसीसे
दर्द देनेवालो की यहां कगार बहोत हे
गीर ने ना देना पानी आंखो के झरोखो से
इसमें समंदर की तरह खार बहोत हे
के बी सोपारीवाला


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







