कविता: शिव शक्ति
दिनांक:19/02/2026
शिव सहस्रार चक्र में शक्ति मूलाधार चक्र में निवास करते हैं।
शिव शक्ति के चरणों में सिर अपना हम हर बार रखते है।
हर हर महादेव सब बोलो भोले बाबा सबसे प्यार करते है।
शक्ति ईश्वर का वह मातृ प्रेम स्नेह, सुरक्षा देखभाल करते है।
शिव ईश्वर का पितृवत प्रेम चेतना, स्पष्टता ज्ञान प्रदान करते है।
बम बम भोले भंडारी बर्फीले बाबा आशीर्वाद प्रदान करते है।
शाश्वत प्रेम और शाश्वत सुख में लीन व्यक्ति शिव नाम भजते है।
जब प्रकृति और पुरुष सहस्रार चक्र में एक हो जाते हैं।
आनंद ही आनंद ज्ञान शिव शक्ति शिव भक्ति में पाते है।
आत्मज्ञानी व्यक्ति हमेशा हृदय से ही सोचता, महसूस करता है।
शिव सहस्रार चक्र में शक्ति मूलाधार चक्र में निवास करते हैं।
शिव शक्ति के चरणों में सिर अपना हम हर बार रखते है।
सत्यवीर वैष्णव बारां


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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