अपनी आवाज़ को कभी ऊँची नहीं करना,
लोगों को बदलने के लिए
अपने चरित्र को ऐसा बना लेना कि
तुम्हें देख कर लोग स्वयम् को बदलना चाहें..
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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अपनी आवाज़ को कभी ऊँची नहीं करना,
लोगों को बदलने के लिए
अपने चरित्र को ऐसा बना लेना कि
तुम्हें देख कर लोग स्वयम् को बदलना चाहें..
वन्दना सूद
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