अपनी ही बातों में पर मुस्कुराते हुए , जब नजर डाले कोई..
अपने ही किसी काम से , तुम्हारे रास्ते से निकले कोई ..
अपना मन बहलाने को , जब तुम्हारा परिचय ले कोई..
नई जगह सहज होने को , जब बताए अपने बारे में कोई..
छोटे छोटे कामो को करने में ,जब सलाह मांगे कोई..
तुम्हारी पसंद का , कुछ बोलने लगे कोई..
कभी किसी गीत को , गुनगुना दे कोई ..
तुम्हे नादान समझ , जब निगाहें नीची कर ले कोई..
फिर क्यों लगने लगता है अनजान , अपना कोई ..
✍🏻अनुकूल शर्मा ✨


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







