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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

सावन में बरसेंगी बदलियां

सावन में बरसेंगी बदलियां

बोझ किस गम का न जाने ढो रही हैं बदलियां

दो बूंद धरती पर गिरा कर, क्यूं रो रही हैं बदलियां

आंखों में आंसू छुपा कर, ये कब से बैठी थी गगन में  

बेचैन हो कर कब से न जाने, खोई हुई थी बदलियां

क्यूं श्रमिकों को देखकर ये बदल रही हैं अब करवटें

यह दर्दे दिल किस का छुपा कर, आ रही हैं बदलियां

सूर्य की तपती किरण से ये हो रही है यूं बेहाल क्यूं

छुप कर बादलों की ओट में कहां जा रही हैं बदलियां

महसूस क्यूं होती नहीं अब ये तपन इसको धरा की

छिटक कर अब भागती हैं, क्यूं इस गगन से बदलियां

तप रही है ये धरा अब इस आग में जलती चिता सी

कब बुझेगी आग ये कब जल लेकर आएंगी बदलियां

बरसेंगी सावन में बदलियां इन्तजार में बैठे हैं यादव

बारिश की रिमझिम फुहारें, हम पर गिराएंगी बदलियां


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (1)

+

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

जैसे आपकी कविता झूम के महफ़िल में आती है, वैसे ही सावन झूम के आने वाली है। भैया जी सादर प्रणाम 🙏🌹🙏🙏🙏

Lekhram Yadav replied

मगर आपकी प्रतिक्रिया उससे भी अधिक झूम कर आती है, आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं सादर नमस्कार

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