आपकी महफिल में इस कदर सराहे गए हैं
हमेशा हम सिर्फ हाशिये पर ही डाले गए हैं
तालियां और दाद तो बड़ी दूर की कौड़ी थी
निगाहों की जुम्बिश से बाहर निकाले गए हैं II

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
आपकी महफिल में इस कदर सराहे गए हैं
हमेशा हम सिर्फ हाशिये पर ही डाले गए हैं
तालियां और दाद तो बड़ी दूर की कौड़ी थी
निगाहों की जुम्बिश से बाहर निकाले गए हैं II
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