आलू और भिंडी की सगाई
आलू राजा बड़े निराले,
भिंडी रानी सबसे प्यारी,
दोनों की जब हुई सगाई,
सब्ज़ी मंडी में धूम मचाई!
टमाटर आया लाल-लाल,
गोभी लाई फूलों की डाल,
बैंगन बोला—“मैं भी आऊँ!”,
लौकी बोली—“गीत सुनाऊँ!”
करेला लेकर आया कड़वाहट,
मटर लाया मीठी आहट,
पालक बोला—“तंदुरुस्त बनो!”,
शिमला मिर्च बोली—“रंग भरो!”
टिंडा, तोरई, अरबी आई,
मूली, गाजर संग मुस्काई,
खीरा बोला—“ठंडक लाया!”,
प्याज ने सबको खूब रुलाया!
लहसुन बोला—“मैं भी आया!”,
शलजम ने सिर खूब हिलाया,
बैंगन फिर इतराने लगा,
मिर्ची नाच दिखाने लगा!
सब्ज़ी मंडी झूम उठी,
खुशियों की फुहारें छूट पड़ीं,
आलू-भिंडी की प्यारी जोड़ी,
सबने बोली—“वाह! है जोड़ी!”
आलू राजा, भिंडी रानी,
दोनों की है खूब कहानी,
मिल-जुलकर सबने ये ठानी,
सब्ज़ी खाओ, सेहत पाओ,
हँसते-गाते बड़े हो जाओ!
रचनाकार :- डॉ.मयंकेश कुमार दुबे
एम.ए. इतिहास(गोल्ड मेडलिस्ट )
औलेंडा,आगरा, उत्तर प्रदेश
मो. :-8630291252


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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