मन भी मेरा ऐब ना जाने
की मन भी मेरा अब न जाने
तस्वीर छुपा कर रखता है
खामोश जुबा है शांत मगर
शोर मचा कर रखता है
तेरी चाहत के हैं जले हुए
वो धुंआ आज भी उठता है
एक आग लगी है धीमी सी
वरना कौन यहां पर रुकता है
यूं ही ना कोई बाती जले
गर तेल ना दीया घला हो
दर्द भला दिल क्या जाने
गर दिल में प्यार भरा ना हो
अब तो वर्षों बीत गए
न जाने चांद दिखाई दे
बिन सावन बरसे आंख भरे
रब का क्या, भादो बरसाई दे
मुद्दत बीते बिछड़े हुए
एक आस जरा सी बाकी है
ये बैरी मेरा, मन प्रीत ना छोड़े
एक सांस अभी भी बाकी है
ना छोड़ू तेरी राह कभी
सितम कोई हो ढहा ले तू
कर खुद से रोज दुआ
मेरी कम अपनी उम्र बढ़ा ले तू
नीटू मावी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







