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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

"मेरा भारत देश महान"

मेरी जाने-जाने मेरी जान।
मेरा भारत देश महान।।

इसके शान के लिए ,
इसके मान के लिए।
इस महान के लिए,
मेरी जान भी कुर्बान।।

मेरी जाने-जाने मेरी........।।

यहाँ जब सूरज उगता है,
तो खिल जाती है लोगों के अधरों पर मुस्कान।
यहाँ नया सवेरा आकर के,
लोगों की जिंदगी में भर जाता है उड़ान।।

मेरी जाने-जाने मेरी.......।।

चाँद तारा वै गगन,
जहाँ पहुँच गए इंसान।
जहाँ बाल वैज्ञानिक के रूप में,
बच्चे भी दे रहे हैं अपना योगदान।।

मेरी जाने-जाने मेरी.......।।

जहाँ विद्यार्थी करते हैं गुरुओं का सम्मान,
जहाँ गुरु भी कराते हैं नए जीवन में नए मार्गों की पहचान।
क्योंकि शिक्षा से ही होती है जीवन की पहचान,
वह विश्व में सर्वश्रेष्ठ है मेरा भारत देश महान।।

मेरी जाने-जाने मेरी जान।
मेरा भारत देश महान।।

नाम : बाल कवि बाल वैज्ञानिक - ठाकुर अभय प्रताप सिंह।




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (2)

+

रीना कुमारी प्रजापत said

Bahut sundar

बाल कवि बाल वैज्ञानिक ठाकुर अभय प्रताप सिंह replied

प्रणाम रीना जी 🙏 आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपने मेरी कविता पर कमेंट किया🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

वाह! शाबाश! सुंदर रचना 👌🌹🙏🙏 अभय जी आपने अपने नाम के साथ बाल वैज्ञानिक लिखा है,बड़े गर्व की बात है 👌👌 जरा हमे भी अपने रिसर्च से रूबरू कराइये। बहुत बढ़िया लिखते हैं आप। बधाई बधाई बधाई 👌👌🙏🙏

बाल कवि बाल वैज्ञानिक ठाकुर अभय प्रताप सिंह replied

प्रणाम सर जी 🙏 मेरी कविताओं पर आपने जो कमेंट किया उसके लिए सह हृदय से धन्यवाद व्याप्त करता हूँ मान्यवर मैंने जो मॉडल बनाए हैं अर्थात जिस पर रिसर्च किया है वह कुछ इस तरह के क्षेत्र हैं जैसे कचरा प्रबंधन क्रियाकारी और विश्व स्तरीय भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में एवं भारतीय घरेलू क्षेत्र में तीन क्षेत्रों में मुख्य रूप से बनाया है मॉडल जिसमें कचरा प्रबंधन पर मॉडल है कचरे को जलाकर विद्युत ऊर्जा का निर्माण करना एवं धुएँ को बिना वातावरण में बाहर प्रवेश कराए उसका सही तरीके से उपयोग करना है जिससे कचरे की समस्या समाप्त होती है एवं उससे आर्थिक सहयोग में भी लाभ मिलता है अर्थात मिलेगा कहने का मतलब है अगर बड़े स्तर पर सरकार इसका उपयोग करें तो । और पर्यावरण स्वच्छ रहता है दूसरा मॉडल मेरा यह है गैस सिलेंडर को ले जाने में परेशानी होती थी खासकर अगर दो से तीन मंजिल का घर हो तो उसकी समस्या को जड़ से मिटाने के लिए मैंने एक मॉडल बनाया जिसकी सहायता से सिलेंडर को ऊपर आराम से ले जा सकते हैं और उसका उपयोग 5 साल का एक बच्चा भी कर सकता है अगर फर्श पर चला रहे हैं तो भरे हुए सिलेंडर को मेरी मशीन की सहायता से तथा तीसरा मॉडल मेरा यह है कि हमारी माताएं बहने जो होती हैं उन्हें सिंघाड़े छीलते हुए अक्सर चोट लग जाती थी इसके निदान के लिए सिंघाड़े छीलने हेतु एक मशीन का निर्माण किया । जिसकी सहायता से अब नहीं चोट नहीं लगती है और श्रम भी बसता है तथा समय भी । फिर हाल अभी तक इतने ही मुख्य रूप से बहुत सारे मॉडल बनाए हैं। क्योंकि मेरे घर की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है इसलिए आगे मॉडल बना नहीं पा रहा हूँ । वैसे मेरे कचरा प्रबंधन क्रिया करी मॉडल के अंतर्गत मैंने दो बार स्टेट लेवल अर्थात राज स्तर की प्रदर्शनी में भी प्रतिभाग किया है । और ज्यादा कुछ ना कहते हुए हैं मैं बाल कवि बाल वैज्ञानिक ठाकुर अभय प्रताप सिंह 🙏 अपनी वाणी को विराम देता हूँ। 🙏सादर धन्यवाद 🙏

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