मेरी जाने-जाने मेरी जान।
मेरा भारत देश महान।।
इसके शान के लिए ,
इसके मान के लिए।
इस महान के लिए,
मेरी जान भी कुर्बान।।
मेरी जाने-जाने मेरी........।।
यहाँ जब सूरज उगता है,
तो खिल जाती है लोगों के अधरों पर मुस्कान।
यहाँ नया सवेरा आकर के,
लोगों की जिंदगी में भर जाता है उड़ान।।
मेरी जाने-जाने मेरी.......।।
चाँद तारा वै गगन,
जहाँ पहुँच गए इंसान।
जहाँ बाल वैज्ञानिक के रूप में,
बच्चे भी दे रहे हैं अपना योगदान।।
मेरी जाने-जाने मेरी.......।।
जहाँ विद्यार्थी करते हैं गुरुओं का सम्मान,
जहाँ गुरु भी कराते हैं नए जीवन में नए मार्गों की पहचान।
क्योंकि शिक्षा से ही होती है जीवन की पहचान,
वह विश्व में सर्वश्रेष्ठ है मेरा भारत देश महान।।
मेरी जाने-जाने मेरी जान।
मेरा भारत देश महान।।
नाम : बाल कवि बाल वैज्ञानिक - ठाकुर अभय प्रताप सिंह।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







