शाम ढलती नहीं
रात कभी आती नहीं
सुबह के पल - पल गुजरता नहीं
शायद
शाम की एक कहानी अधूरी रह गई हो
रात की तमन्नाओं की चिट्टी कहीं खो गई हो
सुबह सुबह खिले फूलों से मुलाकात नहीं हुई हो ॥

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
शाम ढलती नहीं
रात कभी आती नहीं
सुबह के पल - पल गुजरता नहीं
शायद
शाम की एक कहानी अधूरी रह गई हो
रात की तमन्नाओं की चिट्टी कहीं खो गई हो
सुबह सुबह खिले फूलों से मुलाकात नहीं हुई हो ॥
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम