एक बेटी को कितने प्यार से पाला है,
उसके आने से घर में कितना रौनक आया है,
घर में किलकारियों की गूंज रहती है,
उसके होने से ही महफ़िल सजती है,
18 साल तक घर को खुशियों से महकाया,
उसके बाद उसको ही रुलाया,
किसी अनजाने के हाथ थमाकर,
माँ-बाप ने खूब आंसु बहाया,
अपने ही घर में सन्नाटा पसरता रह जाता है,
जब घर की रौनक कोई और ले जाता है,
कितना मोल था उसका अब वो पराई हो गई,
बेटी अपना मायका को छोड़ ससुराल चली गई...।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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