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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

कितना रौनक आया है - सुप्रिया साहू

एक बेटी को कितने प्यार से पाला है,
उसके आने से घर में कितना रौनक आया है,
घर में किलकारियों की गूंज रहती है,
उसके होने से ही महफ़िल सजती है,
18 साल तक घर को खुशियों से महकाया,
उसके बाद उसको ही रुलाया,
किसी अनजाने के हाथ थमाकर,
माँ-बाप ने खूब आंसु बहाया,
अपने ही घर में सन्नाटा पसरता रह जाता है,
जब घर की रौनक कोई और ले जाता है,
कितना मोल था उसका अब वो पराई हो गई,
बेटी अपना मायका को छोड़ ससुराल चली गई...।।

- सुप्रिया साहू




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

+

रीना कुमारी प्रजापत said

Pata nhi ye kaisi reet hai..bahut sundarta se bayan kiya sacchai ko aapne

वन्दना सूद said

touching lines

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

सुप्रिया जी आपकी इस रचना ने भावुक कर दिया।🌹🙏

सरिता पाठक said

सचमुव बेटी se ghr महक जाता है पर ना जाने बेटी को अपना घर छोड़कर ससुराल जाने की रीत किसने बना दी बड़ा दुख देता है विदाई का पल मेरा तो ह्रदय कांप जाता है ये सोचकर कि मुझे भी एक दिन अपनी लाडो को विदा करना है,, ह्रदयस्पर्शी रचना 🌹❤️👌🙏

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