कविता : तुम्हारी मर्जी....
तुम्हारा क्या मालूम क्या खबर ?
मैं तो यही कहूंगा
शादी तुम से ही करनी है नहीं
तो कुंवारा ही रहूंगा
तुम से मेरी सिर्फ
यही एक अर्जी है
शादी करो या न करो
ये तुम्हारी मर्जी है
शादी करो या न करो
ये तुम्हारी मर्जी है.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







