कविता : सिर्फ तुम....
मैं तुम्हारा हूं और
तुम्हारा ही रहूंगा
ये एक बार नहीं
लाखों बार कहूंगा
बेशक तुम मुझे न चाहो
मेरे पास न आओ
कोई बात नहीं या तुम किसी
और के पास जाओ
मैं तो तुम्हारे लिए जन्मा हूं
तुम्हारे लिए मरूंगा
किसी और के साथ
थोड़ी न प्यार करूंगा ?
किसी और के साथ
थोड़ी न प्यार करूंगा.......?
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







