तेरे-मेरे बीच जो रिश्ता है
वो किसी क़िताब में लिखा नहीं,
किसी कहानी में सुना नहीं—
ये तो उन दो रूहों का रहस्य है
जो जन्मों से एक-दूजे को
खोजते आए हैं।
हमारा प्रेम पूरा भी है,
और अधूरा भी—
पूरा इसलिए कि एहसास कभी टूटता नहीं,
अधूरा इसलिए कि दूरी कभी मिटती नहीं।
कभी तू हवा बनकर छू जाता है,
कभी मैं दुआ बनकर तुझ पर ठहर जाती हूँ—
हमारी मुलाक़ातें
देह की नहीं, दिल की होती हैं।
समय चाहे जितना बदल जाए,
लोग जितना भी समझें या न समझें—
हमारा बंधन उनकी समझ का मोहताज नहीं।
ये तो उन सितारों-सा है
जो लाख दूर हों
फिर भी एक-दूजे की रोशनी से
अधूरे नहीं होते।
तेरा-मेरा ये प्रेम
किसी मुक़ाम पर नहीं रुकता—
ये तो एक अनंत यात्रा है,
जहाँ हर मोड़ पर
एक नई नर्मी, एक नई रोशनी
हमें और करीब ले आती है।
हम अधूरे रहकर भी
पूरा हो जाते हैं—
क्योंकि रूहों का मिलन
कभी अधूरा नहीं होता।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







