"जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गयी अकेलेपन का एहसास बढ़ता गया,
लोग कसमे खाते थे जुदा न होने का वो मीलों दूर बैठकर हमें ही कसूरवार मानते रहें.... "
#संजय श्रीवास्तव

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"जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गयी अकेलेपन का एहसास बढ़ता गया,
लोग कसमे खाते थे जुदा न होने का वो मीलों दूर बैठकर हमें ही कसूरवार मानते रहें.... "
#संजय श्रीवास्तव
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