जीवन की सच्चाई
जीवन अपने में ही इतना मशरूफ़ कर देता है,
सफ़र के किरदारों में इस कदर उलझा देता है,
कि साँसों के ख़त्म हो जाने पर ही,
दूसरों को समझ आता है
हर शक्स यूँ ही अकेले
एक दिन एक कहानी बन गुज़र जाएगा।
फिर भी अगले ही पल,
अपनी बेशुमार चाहतों में उलझकर
ख़ुद भी किसी और के लिए
एक कहानी बनने को तैयार हो जाता है।
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







